Thursday, October 14, 2010

हंगामा है क्युं बरपा……..!

हैरान करने वाली बात है कि अंधभक्त और जुझारू कार्यकर्ता आज अपनी-अपनी पार्टियों से नाराज हैं. पिछले कई दिनों से राज्य की हर बड़ी पार्टी कार्यालयों के भीतर या बाहर रिआया अपने राजा के खिलाफ आवाज बुलंद कर रही है. कहीं नंग-धड़ंग प्रदर्शन, कहीं नारेबाजी तो कहीं तोड़-फोड़ और धक्का-मुक्की भी. विरोध दर्ज कर रहे ये कार्यकर्ता और उनके समर्थक कई सालों से पार्टी के झंडाबरदार हैं और पिछले कई महीनों से उम्मीदवारी के लिये पटना में पेटकुनियां दिये हुए हैं.
बीते दिनों भाजपा कार्यालय में तोड़-फोड़ और गाली-गलौज का नजारा था. बेगुसराय विधानसभा से विधायक श्रीकृष्ण सिंह को टिकट नहीं देकर सुरेंद्र मेहता को उम्मीदवार बनाया गया. श्री सिंह उपचुनाव जीत कर विधानसभा आये थे. इस सीट पर कभी तुनक मिजाजी सांसद भोला सिंह का अधिकार हुआ करता था. खबर यह भी है कि पार्टी इस बार उनकी बहु को टिकट दे चुकी है. वैसे पिछली बार उपचुनाव में अपनी सीट से बेटे को प्रत्याशी बनाना चाहते थे.
अब एसे पुत्रमोह और परिवार मोह देख रिआया नाराज होती है तो राजा की क्या गलती !
बेगूसराय के ही बछवाड़ा विधानसभा से कुंदन सिंह को प्रत्याशी बनाये जाने से भी कार्यकर्ताओं मे आक्रोश है. जनता के पास कुंदन सिंह के एक-एक दिन का हिसाब है कि उन्होंने भाजपा के लिये क्या, कितना और क्युं किया है. ग्यात हो कि ये उसी उपेंद्र सिंह के पुत्र हैं जो पिछली बार लोजपा के प्रत्याशी रह चुके हैं और इस बार भी उनके चुनाव लड़ने की संभावना प्रबल है.
इतना ही नहीं कुचायकोट के कार्यकर्ताओं ने भी भाजपा कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया. इनलोगो का कहना था कि पहले ये कटेया विधानसभा थी परिसीमन के बाद यह कुचायकोट हो गयी है. इस सीट से भाजपा के मिथलेश सिंह चुनाव लड़ते थे. अब जदयू इस पर अपनी दावा ठोंक रही है.
उधर जदयु कार्यालय की स्थिती भी बेहतर नहीं हैं. पार्टी कार्यालय के गेट पर लटक रहा ताला कार्यकर्ताओं का मुंह चिढा रहा है. असंतोष के कारण कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन यहां भी देखने को मिल रहा है.
विधान सभा अध्यक्ष उदय नारायन चौधरी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जदयू कार्यकर्ताओं ने नंगे बदन प्रदर्शन किया. उनका आरोप था कि श्री चौधरी के प्रभाव में आकर शेरपुर से विनोद यादव को प्रत्याशी बनाया गया है. नाराज कार्यकर्ताओं का कहना था कि शेरपुर से किसी स्थानीय कार्यकर्ता को ही टिकट दिया जाय. जदयू के ही महादलित प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार सदा भी नाराज दिखे. और यह कहते हुए अपने पद से इस्तिफा दिया कि टिकट बंटवारे में महादलितों की उपेक्षा हुई है. उन्होंने कहा कि अलौली से उन्हें टिकट देने की बात थी लेकिन क्या कारण रहा कि अचानक रामचन्द्र सदा को प्रत्याशी घोषित कर दिया गया.
मकदमपुर से मंत्री जीतन राम मांझी को प्रत्याशी बनाये जाने के कारण विरेंद्र पासवान के समर्थकों ने भी जम कर हो-हल्ला किया.
सुशासन कुमार के सुशासित कार्यकर्ता आज उनपर ही टिकट बंटवारे को लेकर फर्जीवाड़े का आरोप लगा रही है. फिलहाल सुशासन बाबु के पास अपने नाराज सिपाहियों के सवालों का जवाब नहीं ही है.
अब तो सुप्रिमों के खिलाफ भी विरोध के स्वर बेखौफ फूटने लगे हैं. अभी पिछले ही दिनों गुस्साये कार्यकर्ताओं ने पटना स्थित कार्यालय में जमकर हंगामा किया. पार्टी के कोई पदाधिकारी तो वहां मिल नहीं पाये, बेचारी कुर्सियों को इनके गुस्से का शिकार होना पड़ा. कार्यालय के कर्मचारी प्रदर्शन थमने के बाद भी बाहर निकलने की हिम्मत जुटा नहीं पा रहे थे.
महुआ मुकुंदपुर पंचायत की मुखिया मंजू देवी ने राजद सुप्रीमो पर पैसे लेकर सीट का सौदा करने का आरोप लगाया है.
एम.पी(मुखिया पति) कामेश्वर राय का यहां से टिकट लगभग तय था. मुखिया मंजु देवी ने कहा कि सुप्रिमों के कहने पर चुनाव की तैयारी चल रही थी अचानक उन्होंने योगेश्वर राय का नाम घोषित कर दिया.
पूर्व मुख्यमंत्री रावड़ी देवी इस बार राघोपुर और सोनपुर दोनो विधानसभा से चुनाव लड़ेंगी. राजद के विभिन्न पदों पर रह चुकीं समर्पित कार्यकर्ता नूतन पासवान से जब इस मुद्दे पर बात हुई तो उनका कहना था कि राजद में सिर्फ रावड़ी ही एक महिला हैं इसिलिये उन्हें दो-दो जगहों से लड़वाया जा रहा है. बात ही बात में उन्होंने जय प्रकाश नारायण को लालू का लोकनियां बताना नहीं भूला. पार्टी के रवैये से खासे नाराज नूतन पासवान ने कहा कि लालटेन तो बुझेगी ही लेकिन झोपड़ी को जला कर ही.
लोजपा की स्थिती भी औरों जैसी ही है. यहां भी कार्यकर्ताओं की नाराजगी साफ तौर पर दिख रही है. कई दिनो से कार्यकर्ता लोजपा दफ्तर के बाहर धरना पर बैठे हुए हैं. जिनकी उम्मीद टूट गयी वो निराश हो अपने शहर, गाँव लौट रहे हैं. धरना पर बैठा हर दूसरा आदमी इसे परिवार लिमिटेड पार्टी कहने से नहीं चूक रहा है. और एक इनके अध्यक्ष महोदय हैं जो बड़े ही कुतार्किक ढंग से परिवारवाद को खारिज करते आ रहे हैं.
निराश हो कर लौट रहे भागलपुर दुसाध महासभा के महासचिव चंद्रदेव पासवान ने झल्लाते हुए कहा कि बेच लिया है सब टिकटवा. उन्होने बताया कि तिरपैंती विधानसभा की सीट को पार्टी ने पचास लाख में एन.के.यादव को बेचा है.
सबसे बुरी हालत तो कांग्रेस की है. नाराज कांग्रेसियों ने हवाई अड्डे से बाहर निकल रहे विधायक दल के नेता डा. अशिक कुमार पर हमला बोला वहीं प्रदेश अध्यक्ष मह्बूब अली कैसर से तो कार्यकर्ताओं की हाथा-पाई भी हो गयी.
पटना के अलावा भी कई अलग-अलग जिलों मे कांग्रेसियों ने हंगामा किया है. गोपालगंज और सहरसा से थोड़-फोड़ की खबर है वहीं पुर्णियां में कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस दफ्तर को ही आग के हवाले कर दिया.
धमदाहा से डा. इरशाद खाँ के चुनाव लड़ने की बात कही जा रही है जबकि यहां के स्थानिय लोगों का कहना है कि अमरनाथ तिवारी यहां के ससक्त उम्मीदवार हैं.
नौतन, महुआ और तरैया से आये कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा विरोध जारी रहेगा.
फिलहाल खबर है कि भाजपा और कांग्रेस भी अपने कुछ घोषित उम्मेदवारों के नामों पर पुनर्विचार करेगी.
लगातार हर दल के कार्यकर्ताओं के द्वारा कहीं ज्यादा कहीं कम रूप से प्रतिरोध जारी है. कहीं ऐसा न हो कि रहनुमाओं को अपनी जनता पर से विश्वास उठ जाये और इसे भंग कर नयी जनता चुन ली जाय.
फिलहाल जो प्रतिरोध की प्रवृति पनपी है वो कितना कारगर और टिकाउ होगी देखने की बात है.

6 comments:

  1. bhiar ke chunaav se judi aur bhi khabren dijiye.. achha laga.. bhasha par pakad achhi hai..

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  2. yahi to raaazneeti h mere bhai..............

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  3. its amazing to see another side of ur writing on sagar kinare...

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